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बुंदेलखंड के एक गाँव ने अपनी मेहनत से बनाया …
तालाब के भीतर तालाब

बुंदेलखंड के एक गाँव ने अपनी मेहनत से बनाया … तालाब के भीतर तालाब

ये कहानी है बुंदेलखंड के ललितपुर जिले के एक छोटे से गाँव महौली की, जहाँ गाँव के एक तालाब के सूख जाने के बाद गाँव वालों को पानी की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ा। ये स्थिति उस समय सामने आई, जब Suraj Foundation की टीम ने इस गाँव का दौरा किया। पानी की कमी से न केवल ग्रामीण परेशान थे बल्कि इसका असर उनके मवेशियों और खेती पर भी पड़ रहा था। एक ग्रामीण ने कहा – “इस समय हम खुद के लिए तो पानी जुटा नहीं पा रहे हैं, अपने पशुओं के लिए कहाँ से लाएँगे?”

यह कहानी केवल बुंदेलखंड तक सीमित नहीं है। Suraj Foundation इसी तरह पिछले कई वर्षों से गाँवों में बुनियादी विकास और उपेक्षित मुद्दों पर कार्य कर रहा है। जब टीम ने इस समस्या को समझते हुए ग्रामीणों के साथ बातचीत की, तो गाँव वालों ने सूख चुके अपने तालाब पर काम करने का निश्चय किया।

संस्था के सहयोग और “क्लॉथ फॉर वर्क” अभियान के अंतर्गत 75 परिवारों की 4 दिन की कड़ी मेहनत के बाद तालाब में फिर से पानी भरने लगा। यह देखकर ग्रामीणों के चेहरे खुशी से खिल उठे। सभी को विश्वास नहीं हो रहा था कि उनकी मेहनत ने इतना बड़ा बदलाव ला दिया है।

Suraj Foundation ने ग्रामीणों के इस सामूहिक प्रयास की सराहना करते हुए हर परिवार को एक-एक फैमिली किट भेंट की। इसे पाकर गाँव वालों का उत्साह और भी बढ़ गया। एक ग्रामीण ने कहा – “अब हम इस तालाब को कभी सूखने नहीं देंगे। और अगर यह सूखा भी, तो हम सब मिलकर अपनी मेहनत से इसे फिर से जीवित कर देंगे।”